परली-बीड- नगर रेलवे मार्ग को 77 करोड़ का निधि वितरित किया जायेगा

मराठवाडा मै कई सारे नेता हो गये। स्वा. विलास देशमुख, स्वा. गोपीनाथ मुंडे, स्वा. शंकरराव चौहान उनके बेटे अशोक चौहान, चंद्रकांत खैरे, शिवाजी पाटील नीलेनेग्कर, शिवाजी पाटील चाकूरकर ऐसे जेष्ठ नेता थे लेकिन उन्होने मराठवाडा के लिये कुछ आच्या काम नही किया। परली बीड एक ऐसा प्रकल्प था। की उसकी ऊपर बहोत लोगों की नजर थी। क्यू की स्वा गोपीनाथ मुंडे बोले मैं जीत के आने के बाद परली से बीड रेलवे चालू हो जायेगी। लेकिन ये काम पूरा करने के लिये उनकी बेटी डॉ खा. प्रितमताई मुंडे, पंकजताई मुंडे, जोर से काम पर लगी है। इतना ही नही मराठवाडा के कई सारे रस्ते भी मुंजर किया है। रस्ते इस प्रकार है।

Parley-bid

1.माजलगाव-पंढरपुर काम चालू
2.पैठण-पंढरपुर चौपदरीकरन.
3.नगर-बीड- परळी70%काम पुर्न.
4.लातुर-मांजरसुंबा चौपदरीकरन.
5.माजलगाव-मादळमोही- नगर चौपदरीकरन.
6.औरंगाबाद-बीडबायपास- सोलापुर-जलद गतीने काम सुरू.
7.आंबेजोगाई अहमदपूर 156 चे चौपदरी

मराठवाडा: मध्य महाराष्ट्र का एक संभाग है जो गोदावरी के घाटी में बसे आठ जिलों से बना है। औरंगाबाद, जालना, बीड, उस्मानाबाद, नांदेड़, लातूर, परभणी, हिंगोली। इस संभाग का मुख्य शहर औरंगाबाद है। नांदेड, लातूर इस इलाके के अन्य महानगर है। मराठवाड़ा के कई गांवों में पानी कै टैंकर पर लड़ती-भिड़ती महिलाओं की तस्वीरें आम हैं। सूखा ग्रस्त भाग से मराठवाडा जाना जाता है यहाँ के लोगों का मुख्य काम खेती करना है। लेकिन पाणी की कमी की वजह से बारीश के पाणी के ऊपर गुजरना पढ़ाया है। मराठवाडा मैं बीड जिल्हे का नाम उस काम करनेवाले को ‘ऊस तोड़’ कमगार कहते है

परली – बीड – इस परियोजना के लिए, नगर निगम का काम तेजी से चल रहा है, राज्य के ग्रामीण विकास और महिला बाल विकास मंत्री और जिले के गार्जियन मंत्री। पंकजाताई मुंडे द्वारा किए गए प्रयासों के कारण, राज्य सरकार ने आज रेलवे बोर्ड को 77 करोड़ 20 लाख का निधि वितरित किया है। गृह विभाग ने इसके लिए आदेश जारी किए

परली-बीड- नगर में 2,826 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है और राज्य सरकार ने कैबिनेट स्तर

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मध्य रेलवे बोर्ड को एक हजार 413 करोड़ रुपये की कुल राशि का 50 प्रतिशत देने का निर्णय लिया है। तदनुसार, राज्य सरकार ने अक्टूबर 2017 तक सदर रेलवे मार्ग में कुल 63.9 6 करोड़ रूपये दिए हैं। इसी अवधि के दौरान, रेलवे विभाग ने इस परियोजना के लिए 716 करोड़ 84 लाख रूपये वितरित किए हैं। राज्य सरकार के शेष राशि को बनाए रखने के लिए, 2017-18 के लिए परियोजना के लिए आवंटित धनराशि से 77 करोड़ 20 लाख रुपये का धन वितरित किया गया है। अभी तक, केंद्र और राज्य सरकार को इस परियोजना के लिए कुल 143.36 करोड़ रुपये मिले हैं।

इस रेलवे मार्ग का कार्य पूरे जोरों पर है, 2019 तक पूरा हो जाएगा। संरक्षक मंत्री पंकजाताई मुंडे इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं और उनके प्रयासों के कारण, राज्य सरकार द्वारा निधि उपलब्ध कराई गई है। यह फंड रेलवे बोर्ड के रूप में वर्गीकृत किया गया है और गृह विभाग ने आदेश जारी किया है।

[स्रोत- बालू राऊत]

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