टू व्हीलर खरीदने जा रहे हैं तो रखें इन बातों का ख्याल

जिंदगी की व्यस्तता के कारण किसी के पास भी धीमी गति से चलने का समय नहीं है। जिंदगी की इस दौड़ में कोई भी किसी से पीछे नहीं रहना चाहता, ऐसे में सभी काम फास्ट करने के लिए नई नई टेक्नोलॉजी ने भी लोगों की जिंदगी को अधिक फास्ट कर दिया है। टू व्हीलर बाइक खरीदने वालों की संख्या 4 व्हीलर खरीदने वालों से ज्यादा है । इसके पीछे कई कारण हैं पहला तो यह कि टू व्हीलर फोर व्हीलर से कम कीमत की होती है तथा मेंटेनेंस भी कम होता है। Bikes in showroomदूसरा यह कि ट्रैफिक से निकलने के लिए टू व्हीलर को फोर व्हीलर की अपेक्षा बहुत कम जगह की आवश्यकता होती है। मेट्रो शहरों में जहां घंटो ट्रैफिक में ही निकल जाते हैं ऐसे में टू व्हीलर फोर व्हीलर से कहीं ज्यादा अच्छा ऑप्शन होता है। अब सवाल आता है कि टू व्हीलर में आजकल बहुत से ऑप्शन मौजूद हैं ऐसे में टू व्हीलर लेते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

1- बजट-: टू व्हीलर खरीदने जा रहे हैं तो हमेशा अपने बजट यानी कि महीने की इनकम पर ध्यान दें। सभी आवश्यक खर्च और बचत के पैसे निकालने के बाद यह देखें कि आपके पास कितना पैसा बचता है और आप कितने महीने की टू व्हीलर की ईएमआई कराना चाहते हैं। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि बाइक की ईएमआई 60 महीने से ज्यादा ना हो जितनी कम ईएमआई उतना कम इंटरेस्ट।

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2-आवश्यकता-: टू व्हीलर खरीदते समय सबसे पहले यह सोचिये कि आपको बाइक की आवश्यकता है कि नहीं या मात्र शौक के लिए या दूसरों को दिखाने के लिए बाइक खरीदना चाहते हैं। अधिकतर लोग घर के रोजाना इस्तेमाल के लिए या ऑफिस जाने के लिए टू व्हीलर खरीदते हैं ऐसे में अच्छा माइलेज और कम मेंटेनेंस वाली बाइक ज्यादा सुविधाजनक होती है। कुछ लोग बाइक सीखने के लिए महंगी बाइक खरीद लेते हैं जबकि नौसिखियों को हमेशा सेकंड हैंड बाइक खरीदने की तरफ ध्यान देना चाहिए।

3- मॉडल-: टू व्हीलर खरीदते समय मॉडल और माइलेज को लेकर बड़ी कशमकश की स्थिति रहती है, ऐसे में केवल लुक देखकर बाइक ना खरीदें। बाइक का इंजन तथा माइलेज पर भी ध्यान दें। अधिक माइलेज वाली बाइक आपको महीने में एक हजार से दो हजार रुपए तक की बचत करा सकती है।

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4- टेस्ट ड्राइव-: बाइक खरीदने से पहले टेस्ट ड्राइव जरूर लीजिए तथा ड्राइव टेस्ट के दौरान टू व्हीलर के पार्ट्स ऑफ फीचर्स पर ध्यान दीजिए साथ ही ऑन रोड कीमत पर भी बात कीजिए।

5- बीमा-: जीवन की सुरक्षा सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। भारत में टू व्हीलर से दुर्घटना के आंकड़े फोर व्हीलर की अपेक्षा कहीं ज्यादा हैं इसीलिए टू व्हीलर खरीदते समय बीमा कराना बहुत जरूरी है। वैसे आमतौर पर बाइक की कीमत में बीमा का खर्च भी जुड़ा हुआ होता है लेकिन आप इस बात का पता अवश्य कर लें कि बीमा के अंतर्गत कौन-कौन से पार्ट आते हैं तथा बीमा से जुड़ी अन्य टर्म और कंडिशंस को भी समझें।

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