अपात्र झुग्गी धारको को पात्र किया और 2011 तक की झुग्गी को दी मंजूरी

मुंबई एक सपनों का शहर यहाँ हर किसी की इच्छा होती है । मेरा भी आलीशान घर हो ‘एक बंगला बने न्यरा’ आशिया की सबसे बड़ी जुग्गी मुंबई के धारावी इलाके मैं है, और मुंबई के घाटकोपर का भीम नगर, पारशीवाडी, चिराग नगर, अमृत नगर, सूर्यानगर, अस्लफा विलेज, अंधेरी का गुँदिवलि इलाके, साकीनाका के जरीमरी, और खैराणी रोड, चांदवली का रामनगर और फिल्टर पाड़ा, मालाड के वेस्ट का इलाका सुंदर बाग, सायन किला किल्ला इसमें सबसे ज्यादा झुग्गी है।

Mumbai slums

आज तक सभी पोलिटिकल पार्टी का फोकस इस इलाके मैं रहता है । वोट बैंक के जरिये इसे देखा जाता है । लेकिन यहाँ किसी प्रकर की सुविधा उन्हे नही मिलती अगर यहाँ एसआरए का प्रॉजेक्ट भी आता है तो विकासाक यहाँ अपना ध्यान नहीं देता है उनके डॉक्युमेंट मे किसी भी प्रकार की त्रुटि निकाल कर उनको अपात्र घोषित किया जाता है ।

महाराष्ट्र झोपडपट्टी (सुधारणा, निर्मुलन, आणि पुनर्विकास) अधिनियम 1971 के अनुसार उस विधेयक को विधानसभा में गृह राज्यमंत्री रवींद्र वायकर रख दिया था । मुंबई और ठाणे की 2001 से 2011 की अपात्र झुग्गी के धारक दिलासा मिल गया अपात्र झुग्गी के धारक को एसआरए और पंतप्रधान आवास योजना के तहत उन्हे पक्का मकान मिलना अब तय हो गया रविंद्र वायकर ने विधानसभा मे कहा की बाळासाहेब ठाकरे जी का सपना था । की 50 लाख झुग्गी वालो को उनका खुद का घर बन जाये ।

इस विदेयक विधानसभा मे मंज़ूर हो गया तो आज हमे लग रहा है की उनका सपना सच हो गया है । महाराष्ट्र झोपडपट्टी (सुधारणा, निर्मुलन, आणि पुनर्विकास) अधिनियम 1971 के अनुसार उस विधेयक पात्र झुग्गी धारक को रेडीरेकनर के अनुसार उस की किंमत लेने का या झुग्गी बनानते समय जो खर्चा हो गया लेने का इस मामले मे एक समिती स्थापन की है ये बात रविंद्र वायकर ने विधानसभा मे कही अभी तक 2000 के जुग्गी को शासन की मान्यता है ।

2001 से 2011 की अपात्र झुग्गी के धारको को पात्र करते वक्त उनको ना पंतप्रधान घरकुल आवास योजना के तहत केंद्र सरकार की तरफ से दीड लाख और राज्य सरकार की तरफ से 1 लाख रुपये देने का प्रावधान दिया है पहले का नियम यह था की 1 हेक्टर मे 500 झुग्गी बनने का नियम था ।

अभी उस नियम को खरिज करके 1 हेक्टर मे 650 जुग्गी बना के दिया जायेगा । एसआरए के सीईओ को ज्यादा अधिकर दिये है मुख्य कार्यकारी अधिकाऱीको जुग्गी का देखरेख या किस प्रकार का रिपोर्ट की जानकारी लेने ही तो उन्हे कलेक्टेर का आदेश की राह देखने की ज़रूरत नही होगी पोलीस फोर्स लेके जाकर ओ आपना काम कर सकते है ।

यह सब की इन्फर्मेशन ग्रूहराज्यमंत्री रविंद्र वायकर ने विधानसभा मे दे दी । ये विदेयक प्ररित होने के कारण मुंबई और ठाणे की 2001 से 2011 की अपात्र झुग्गी के धारको को घर देने की ज़िम्मेदारी अब सरकार की होगी ।

[स्रोत- बालू राऊत]

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