जानिए आखिर क्यों पहले प्यार को भुलाना आसान नहीं होता

इस संसार में ऐसा कोई भी इंसान नहीं होगा जिसको कभी भी किसी से प्यार ना हुआ हो. यह बहुत आम बात है जैसे इंसान साँस लेने के लिए कभी नहीं सोचता है वैसे ही प्यार के बारे में भी कभी नहीं सोचता है. मगर बिना कुछ जाने बगैर प्यार तो बस हो जाता है और अगर प्यार पहला हो तो उसकी बात ही निराली होती है. जहा हर चीज़ को देखने का नज़रिया ही अलग होता है नया होता है.love

पहले प्यार में आपको हर चीज़ खूबसूरत और सुहानी लगने लगती है जहां आप अपने ख्यालों की दुनियाँ से बाहर नहीं निकलना चाहते है वो पहला प्यार जो सच्चा, नादान और बहुत ही मासूम होता है उसे इस दुनिया की बातों का कोई भी परवाह नहीं होती. वो एक बहुत ही खास एहसास होता है जब वो किसी की सुनना नहीं चाहता बस अपनी धुन में मगन रहना चाहता है और रहता है.

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पहला प्यार वो पल होता है जो दो दिलो को पहली बार इस खूबसूरत एहसास का अनुभव करता है जिसे इंसान अपनी जिंदगी में दोबारा कभी मह्सूस नहीं कर पता है और न ही कभी उस एहसास को भूल पाता है. सच्चे प्यार का एहसास पहले प्यार में ही होता वो एहसास फिर हो भी जाएं तो उस जैसा नहीं होता है. हममें से बहुत सारे लोग है जो अपने जीवन साथी के साथ खुशहाल जीवन जी रहे है मगर वो अपने पहले प्यार को अब भी ऐसे याद करते है जैसे कोई खूबसूरत कहानी हो और अभी कुछ दिनों पहले की बात हो.

आपको छोटी छोटी चीज़ों से बहुत बड़ी बड़ी ख़ुशी मिलती हैं और आप उनको हमेशा याद रखते है या डायरी में भी लिखते है जैसे पहली बार कहाँ मिले, कब मिले. वो बातों का सिलसिला जो काफी लम्बा हो कर भी बहुत छोटा लगता है वो अटपटी बातें जो आप एक दूसरे की खुशी के लिए करते है या फिर वो मन की बातों को कविताओं में उतरना और भी बहुत सी बातें है जो इंसान को पहले प्यार को नहीं भूलने देती और न ही कभी वो भूल पता हैं क्योंकि वो किसी न किसी मोड़ पर वो सब यांदे उसके साथ साथ ही चलती है.

कुछ कारण जो इंसान को पहला प्यार नहीं भूलने देते.

पहला इंसान : पहला प्यार किसी भी इंसान की जिंदगी में वो पहला इंसान होता है जो दिल को एक अनदेखे अंजाने एहसास का अनुभव करता है जो किसी भी इंसान के लिए खास होता है. हर एक वो पहली चीज़ जो इंसान को पहली बार मिलता है जैसे स्कूल का पहला दिन, पहली घड़ी या पहला फ़ोन जो खुशी देता है वो दुबारा मिलने पर नहीं होती है वैसे ही प्यार भले ही दोबारा हो जाये पर आप उस पहले इंसान को कभी नहीं भूलते.

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बिल्कुल नादान : पहला प्यार बिल्कुल ही नादान और मासूम होता है. जिसके लिए आपको सोचना समझना नहीं पड़ता है ये तो बस हो जाता है. इसका न तो कोई कारण होता है और न ही मकसद.ये उतना ही मासूम होता है जितना एक छोटा बच्चा जिसे कुछ भी पता नहीं होता.

अंजान भावनाएं : पहले प्यार को भूलना इसलिए भी आसान नहीं होता है क्योंकि आप वह कुछ ऐसी अंजान भावनाओ का अनुभव करते है जो इससे पहले आपने दोस्तों, भाई, बहन या किसी और के साथ कभी भी अनुभव नहीं हुई होती है.

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पहला एहसास : वो पहली बार का स्पर्श जो आपके शरीर में करंट से ज्यादा तेज लगता है छूने मात्र से ही पेट में तितलियाँ उड़ने लगती है वो अनुभव सिर्फ पहला प्यार ही दिला सकता है. खुली आँखों से सपने सिर्फ इंसान पहली बार ही देखता है वो हर पल को कई बार जीने जैसी बातें जो दोबारा से कही नहीं मिलती है क्योंकि दूसरी बार आप इन सब चीज़ों को दोबारा देखते है. कई बार सोचते है जैसे क्या सही, क्या गलत पर ये सब शर्ते पहली बार में नहीं होती.

वर्तमान में जीना : किसी भी इंसान के दुखो का कारण उसका भूतकाल होता है जिसमे उसने कुछ खो दिया होता है या फिर कुछ गलत कर दिया होता है जिसे सोचकर वो परेशान होता है. या फिर वो अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहता है.
मगर जब वो प्यार में होता है या फिर उस इंसान के साथ होता है तो वो बस अपने वर्तमान को जीता है. हर छोटे छोटे लम्हे को जीता है, हर पल को जीता है न उसको भविष्य कि चिंता होती है और न ही बीते हुए कल का गम. उसे उस समय बस अपना और उसका मालूम होता है कि इस दुनियाँ में कोई है तो बस वो और उसे प्यार करने वाला.

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