मुम्बई के हवाई अड्डे पर लैंडिंग के समय पायलट को करना पड़ रहा है कठिनाई का सामना

छत्रपति शिवाजी महराज हवाई अड्डा मुम्बई पूरे विश्व का सबसे व्यस्तहवाई अड्डा है। पूरे दिन मैं 930 हवाई जहाज आते है और जाते है। हवाई अड्डे की सुरक्षा की जिमेदारी सीआयएसएफ के पास है। आने वाले प्रवाशी के लिये बहोत सारी एजेन्सी काम करती है। हवाई जहाज लेंडिंग के कुछ समय बाद धावपट्टी खाली होने चाहिए। उस के लिये टॅक्सी वेची रचना की है। मुम्बई की आपतकालीन के समय दमकल भी रहते है। हवाई आड़े पर आपातकालीन सीडी भी लगाई है।

Airport

हवाई आड़े का परिसर मैं जुग्गी ज्यादा होने के कारण यहा गंदगी फैलती है। और उसी कारण से यहा ज्यादा मात्रा मै पक्षी आते है और वह पक्षी हवाई जहाज को टकराते है। तो बहोत बड़ा हादसा होने का खतरा रहता है। ये इलाका भारत मिल कंपाऊड, जरीमरी, के पास है। हवाई आड़े पर पक्षी को रोखने के लिये जाली लगाई है। और पक्शीओ को उड़ने के लिये भी आदमी रखे है. गंदगी की वजह से पक्षी ओ का संचार यहा हमेशा रहता है लेंडिंग या उड्डाण के टाइम ढ्रोन, पतंग, गुब्बारा, पतंग कंदील और लेजर लाईट जैसे उपकरणों का पायलट को बहोत ही तकलीफ का सामना करना पड़ता है। ध्रोन कँमेरा के ऊपर बंदी होने के बावजूद भी आज भी देखने मिलते है।

घाटकोपर् एक ऐसा इलाका है जो हवाई आड्डे के नज़दीक आता है वहा से जानेवाली सभी हवाई जहाजे लेंडिंग के टाइम थोडे नीचे की तरफ आते है तो खुले मैदानों मै शादी त्यौहर मै जो लाईट और लेजर शो के वजह से पायलट को बहोत कठिनाई का सामना करना पड़ता है। इस मैं लोगों ने भी सोचना चाहिए और एक जिमेदर नागरिक की तरह सोच के आपना परिसर साफ सूतरा रखाना चाहिए। और हवाई आड़े का सहकार्य करना चाहिए।

[स्रोत- बालू राऊत]

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