गुजरात और हिमाचल प्रदेश चुनाव का क्या हो सकता असर

माननीय नरेन्द्र मोदी ने 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। नवीन विचारों और पहल के माध्यम से सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्रगति की रफ्तार तेज हो और हर नागरिक को विकास का लाभ मिले। अब शासन मुक्त है, इसकी प्रक्रिया आसान हुई है एवं इसमें पारदर्शिता आई है।जुलाई 2015 में प्रधानमंत्री ने डिजिटल इंडिया बनाने के उद्देश्य से डिजिटल इंडिया मिशन की शुरुआत की ताकि प्रौद्योगिकी की मदद से लोगों के जीवनमें बेहतर बदलाव लाए जा सकें।MOdi and rahul for gst.गुजरात के प्रचार की कमान नरेन्द्र मोदी ने आपने हाथों मे लेकर धूआधार प्रचार ऐवम 55 रैलियां की। कुल सारे 55 रैली के जरिये 60 हजार किलोमीटर का सफर किया। सफर के दौरान उन्हे सबका प्यार मिला उस वजह से पूरे गुजरात में ‘नयी सुबह होगी, सूरज निकलेगा और कमल खीलेगा’ एक और एक दो होते है बल्कि हमे उसे ग्यारह करना है। गुजरात और हिमाचल प्रदेश को हमे नई उचाईयों मे लेके जाना है। नरेंद्र मोदी जी ने चुनाव प्रचार के आखरी दिन पब्लिक स्पीच नही दिया बल्कि लोगो को भावनात्मक आपील की रिकॉर्ड मतदान करे और पूरे गुजरात मे कमल का फूल खिला के दिखा दो। और चुनाव के प्रचार के जरिये मूझे सब लोगो के बीच जाकर आशीर्वाद मिला। मै उनका आभारी हूँ।

गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव का क्या असर हो सकता हमारे देश में

एग्ज़िट पोल के अनुसार गुजरात और हिमाचल प्रदेश मे जोरदार जीत हो जाती है । तो उसका असर विरोधी पक्ष के ऊपर होगा और इससे उनका मनोबल खत्म हो जायेगा। जैसा कि अब तक के चुनावी नतीजों में देखने को मिल रहा हैं कि BJP हिमाचल और गुजरात दोनों ही विधानसभा चुनावो पर अपने आप को आगे किये हुए हैं और जल्द ही जीत भी हासिल करने वाली हैं. अब हो सकते हैं ये असर-

1. गुजरात चुनाव मे अगर जीत हो जाती है तो पूरे देश मे यह संदेश जायेगा कि मोदी के सिवाय कोई विकल्प नही है जो उस काबिल हो.मोदी जी पूरे भारत का विकास कर सकते है और गरीबों के लिऐ जीवन बीमा, प्रधानमंत्री आवास योजना, पेन्शन योजन, डिजिटल इंडिया के तहत अच्छा काम किया।

2. एग्ज़िट पोल के अनुसार बीजेपी जीत जाती है तो नोटबंदी, जीएसटी के ऊपर जो व्यापारी है या मिडिया चिल्ला रहे हैं उनका मुँह बंद हो जायेगा।

3. भारत मे आने वाले 8 राज्य के छोटे और बड़े राज्य के चुनाव मे (मध्यप्रदेश, छत्तीशगढ़, राजस्थान, कर्नाटक के साथ मिज़ोरम, मेघालय, नागालैंड, त्रिपुरा) मे चुनावों मे मनोबल बढ़ेगा।

4. अगर गुजरात जीते तो सबसे बड़ा फायदा होगा आने वाले 2019 के लोकसभा चुनाव मे। विरोधियों पर मनोवैधानिक बढ़त भी मिल जायेगी और विपक्ष पूरे बैकफुट पर चला जायेगा। अभी तक विरोधियों ने कभी कोई बड़ा आंदोलन किया ही नही और कोई विरोधी पक्ष की कोई बढ़िया भूमिका नही निभायी।

5. गुजरात चुनाव अगर BJP जीत जाती है तो लोगो की सोच भी बदल जायेगी हमे दिल्ली से लेकर गाँव तक पूरी एक पक्ष की सत्ता मे आ जाती है तो उन्हे मिलने वाला निधी जल्दी से मिलता है और लोगो के काम जल्दी होते है.

6. पिछले कुछ समय से राजनीती को वंशवाद बनाने वाले राजनैतिक दलों से मुक्ति मिलेगी।

[स्रोत- बालू राऊत]

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