जब हो अच्छाई और बुराई का सामना

प्रस्तुत पंक्तियों में कवियत्री दुनियाँ को यह समझाने की कोशिश कर रही है कि चाहे जीवन में कितने तुफानो का सामना क्यों न करना पड़े लेकिन कभी गलत का साथ मत देना क्योंकि इतिहास गवा है जितने भी वीर थे उन्होंने कभी गलत का साथ नहीं दिया इसलिए आज तक हम उनका उदाहरण देते है। याद रखना दोस्तों हम चाहे तो हम भी बहुतो के लिए उदाहरण बन सकते है हर इंसान हर चीज़ में अच्छा नहीं होता इसलिए आपको जो मिला है आप अपने उसी गुण को और अच्छा करे।

never give up

अब आप इस कविता का आनंद ले

जब हो अच्छाई और बुराई का सामना,
इस दुनियाँ की भीड़ को कर परे,
तुम बस अच्छाई का हाथ ही थामना।
शांति की राह में बहुतो की बुराई भी मिलेगी।
तेज़ धूप की तपन को सह कर ही,
एक कली भी फूल सी खिलेगी।
जिसने आजीवन तपाया खुदको,
उसे ही जीवन के हर पड़ाव में शांति मिलेगी।
हर हाल में खुदकी ही सुनना आसान है।
ईश्वर की सुनकर ही, बनाई बहुत से वीरो ने अपनी पहचान है।
जिसने सुनी उन्होंने जीवन में कड़ी परीक्षाओं का सामना करा।
अपने को कर मज़बूत उन वीरो ने बस जग कल्याण ही करा।
उनकी परीक्षाओं का ईश्वर ने उन्हें ऐसा फल दिया।
देकर भी इस जग को बहुत कुछ,
उन वीरो ने किसीसे कुछ नहीं लिया।

धन्यवाद

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here